Preparation Guide for

BSTC Exam

Showing posts with label Rajashtan General Knowledge. Show all posts
Showing posts with label Rajashtan General Knowledge. Show all posts

05 February, 2018

राजस्थान के प्रसिद्ध एवं प्रमुख महल

February 05, 2018
राजस्थान की संस्कृति निराली है। लोक किवंदती अनुसार राजस्थान मुख्यतः राजपूतों की अधिकता के कारण राजस्थान बना। इसका पुराना नाम राजपुताना हुआ करता था। राजस्थान में राजपूत जाति सर्वोपरि हुआ करती थी। राजपूत जाति के लोग राजा-महाराजा हुआ करते थे। राजा-महाराजा अपने रहने के लिए महलों तथा दुर्गों का निर्माण करवाया करते थे। राजस्थान में अनेक दुर्ग तथा महल बने हुए हैं। इस लेख में प्रस्तुत है राजस्थान के प्रमुख महलों की जानकारी।  

राजस्थान के प्रसिद्ध महल 

  • आमेर के महल - हिन्दू एवं मुस्लिम वास्तु शैली के समन्वय पर आधारित अद्भुत महल आमेर (जयपुर) जिले में स्तिथ हैं। 
  • हवामहल - जयपुर के महाराजा सवाई प्रतापसिंह द्वारा बनवाया गया हवामहल भगवान् श्रीकृष्ण के मुकुट के आकार का तथा पाँच मंजिला भवन है। राजस्थान में पर्यटन का प्रतीक हवामहल जिसमें 900 से अधिक खिड़कियाँ एवं दरवाजे हैं। 
  • चन्द्रमहल - वास्तुकार विधाधर भट्टाचार्य द्वारा जयपुर राजपरिवार के निवास के लिए निर्मित इस महल की आधुनिक साज-सज्जा महाराजा मानसिंह द्वितीय ने करवाई। 
  • जलमहल - जयपुर जिले में बना हुआ जलमहल जयपुर-आमेर मार्ग पर मानसागर झील में स्तिथ है। 
  • मुबारक महल - सवाई माधोसिंह द्वारा चन्द्रमहल के प्रांगण में निर्मित अतिथियों के ठहरने का स्थान मुबारक महल हुआ करता था। 
  • नाहरगढ़ के महल - जयपुर में स्तिथ नाहरगढ़ दुर्ग में एक समान स्थापत्य वाले नौं महलों का निर्माण राजा माधोसिंह द्वितीय द्वारा नौ पासवानों (रानियों) के नाम पर करवाया गया था। 
  • सामोद के महल - सामोद गांव (जयपुर) में बने महलों पर श्रृंगार चित्रों का सुन्दर अंकन देखने को मिलता है। 
  • सुख महल - विष्णु सिंह द्वारा सन 1773 ई. में निर्मित यह महल रमणीक जैतसागर झील के किनारे बूंदी जिले में स्तिथ है। 
  • बादल महल - इस महल का निर्माण जैसलमेर किले में सर्वाधिक ऊंचाई पर किया गया है। 
  • बनेड़ा के महल - भीलवाड़ा में स्तिथ बनेड़ा दुर्ग में सरदार सिंह द्वारा बनेड़ा के महलों का निर्माण करवाया गया। 
rajasthan ke pramukh mahal bstc exam 2018
राजस्थान के प्रमुख महल

राजस्थान के प्रमुख महल

  • खेतड़ी का महल - खेतड़ी के राजा भोपालसिंह द्वारा निर्मित ताज के आकार का एक हवादार महल जो राजस्थान का दूसरा हवामहल कहलाता है, झुंझुनूं जिले में स्तिथ है।
  • स्वरूप निवास महल - महाराजा स्वरूपसिंह द्वारा निर्मित एक कलात्मक महल सिरोही जिले में स्तिथ है। 
  • फतेहप्रकाश महल - चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्तिथ फ़तेह प्रकाश महल स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। 
  • केसर विलास महल - सिरोही के महाराजा केसरीसिंह द्वारा निर्मित महल। 
  • छत्रविलास महल - कोटा जिले में स्तिथ इस महल का निर्माण महाराव दुर्जनशाल ने छत्रविलास तालाब के बीचों-बिच करवाया था। 
  • उम्मेद भवन (छीतर पैलेस) - मारवाड़ के महाराजा उम्मेदसिंह ने अकाल राहत कार्यों के तहत इस महल का निर्माण जोधपुर में करवाया था। 
  • जगमंदिर एवं जगनिवास महल - पिछौला झील में स्तिथ महल, जहाँ पर अपने पिता जहाँगीर से विद्रोह करके मुग़ल शहजादा खुर्रम (शाहजहाँ) ठहरा था, उदयपुर जिले में स्तिथ है। 
  • बिजोलाई का महल - कायलाना की पहाड़ियों में स्तिथ इस महल का निर्माण महाराजा तख्तसिंह ने जोधपुर में करवाया था। 
  • सुनहरी कोठी - टोंक के नवाब वजीउद्दौला द्वारा निर्मित रंगीन कांच से जड़ित एक सुन्दर "शीशमहल" सुनहरी कोठी के नाम से जाना जाता है। 
  • काष्ठ प्रासाद - झालावाड़ जिले में कृष्ण सागर झील के किनारे स्तिथ राजराणा राजेंद्र सिंह द्वारा निर्मित काष्ठ प्रासाद महल है। 
उक्त महलों अलावा कुम्भा महल, पद्मिनी महल चित्तौड़गढ़ जिले में, एक थम्बिया महल, उदयविलास महल डूंगरपुर जिले में, सज्जन महल, सिटी पैलेस उदयपुर जिले में, सिरोही का महल, स्वरूप निवास, केशर निवास सिरोही जिले में, डीग के जल महल भरतपुर जिले में, बंसी दुगारी के महल बूंदी जिले में तथा अभेड़ा महल, गुलाब महल कोटा जिले में स्तिथ हैं।  

04 February, 2018

राजस्थान के प्रमुख तीर्थस्थल, राजस्थान के धार्मिक स्थल एवं प्रसिद्ध मंदिर

February 04, 2018
राजस्थान की संस्कृति सबसे निराली है जहाँ पर अनेक तरह के प्रमुख संत एवं उनके सम्प्रदाय के लोग रहते हैं। स्थानीय लोग संतो के जन्मदिवस तथा निर्वाण दिवस के उपलक्ष में त्योहारों का आयोजन भी करते हैं। इन्हीं त्योहारों के अवसर पर राजस्थान में अलग अलग जगहों पर धार्मिक मेले भी भरे जाते हैं। धार्मिक मेले भरे जाने से आस-पास के क्षेत्रों की जनता इकठ्ठी होती है जिससे उस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में तेजी आती है। धार्मिक मेले मुख्य रूप से धार्मिक स्थलों अथवा मंदिरों के पास ही भरे जाते हैं। आगे के लेख में राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों तथा मंदिरों की जानकारी प्रस्तुत है।

राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थल 

  • अजमेर : राजस्थान में विश्व का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर पुष्कर (अजमेर जिले) में स्तिथ है। पुष्कर तीर्थ को तीर्थों का मामा तीर्थराज भी कहते हैं। ख्वाजा मोइनुद्दीन की दरगाह, सोनीजी की नसियाँ भी अजमेर में स्तिथ है। मुख्य निम्बार्क पीठ  सलेमाबाद (अजमेर जिले) में स्तिथ है। 
  • बाराँ : भण्डदेवरा शिव मंदिर जो हाड़ौती का खजुराहो के नाम से जाना जाता है, बाराँ जिले में स्तिथ है। ब्राह्मणी माता मंदिर तथा सीताबाड़ी तीर्थ भी बाराँ जिले में स्तिथ है। 
  • अलवर : पांडुपोल हनुमान जी, भृतहरि मंदिर (सरिस्का), नारायणी माता धाम (बरवा डूंगरी) आदि प्रमुख तीर्थ स्थल अलवर जिले में स्तिथ है। 
  • भरतपुर : लक्ष्मण मंदिर, गंगा मंदिर, मदनमोहन जी का मंदिर, बयाना का उषा मंदिर सभी भरतपुर जिले में स्तिथ है। 
  • बाड़मेर : किराडू मंदिर जिसे राजस्थान का खजुराहो भी कहते हैं तथा विरात्रा माता मंदिर चौहटन बाड़मेर जिले में है। 
  • बीकानेर : भारत में प्रसिद्ध करणीमाता का मंदिर देशनोक बीकानेर जिले में स्तिथ है। कपिलमुनि का आश्रम कोलायत, विश्नोई सम्प्रदाय का मुक्तिधाम (मुकाम) बीकानेर जिले में स्तिथ है। 
  • बूंदी : केशवराय मंदिर (केशोरायपाटन), खटकड़ महादेव मंदिर बूंदी जिले में स्तिथ है। 
  • भीलवाड़ा : गुर्जर समाज का सवाई भोज का मंदिर (आसींद), रामद्वारा (शाहपुरा), हरणी महादेव, तिलस्वा तीर्थ इत्यादि भीलवाड़ा जिले में स्तिथ है। 
  • बांसवाड़ा : त्रिपुर सुंदरी का मंदिर तलवाड़ा (बांसवाड़ा जिले) में स्तिथ है। घोटेश्वर महादेव का मंदिर घोटिया आम्बा तथा अर्थूना के प्राचीन मंदिर भी बांसवाड़ा जिले में स्तिथ हैं।
  • चूरू : भारत का प्रसिद्ध सालासर बालाजी मंदिर (सालासर) चूरू जिले में स्तिथ है। तिरुपति बालाजी मंदिर (सुजानगढ़) तथा स्यानण का मंदिर भी चूरू जिले में है। 
rajasthan ke dhamik sthal tatha mandir bstc exam image
राजस्थान के मंदिर तथा धार्मिक स्थल 

राजस्थान के तीर्थस्थल 

  • धौलपुर : मचकुण्ड तीर्थ जिसे तीर्थों का भांजा भी कहते हैं धौलपुर जिले में स्तिथ है। बाबू महाराज का मंदिर।
  • चित्तौड़गढ़ : मातृकुण्डिया तीर्थ जिसे राजस्थान का हरिद्वार भी कहते हैं, कुम्भ श्याम, मीरा मंदिर, सांवलियाजी मंदिर (मण्डपिया) चित्तौड़गढ़ जिले में स्तिथ है। 
  • डूंगरपुर : बेणेश्वर धाम, देव सोमनाथ और बोहरा मुस्लिम तीर्थ 'गलियाकोट की दरगाह' डूंगरपुर जिले में स्तिथ है। आदिवासियों का कुम्भ बेणेश्वर धाम में भरा जाता है। 
  • श्रीगंगानगर : बूढ़ा जोहड़ का गुरुद्वारा, नागेश्वर शिव मंदिर तथा डाडा पम्पराम का डेरा इत्यादि धार्मिक स्थल श्रीगंगानगर जिले में स्तिथ हैं। 
  • दौसा : प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर एवं हर्षद माता का मंदिर (आभानेरी) दौसा जिले में है। 
  • हनुमानगढ़ : भद्रकाली माता मंदिर, महालक्ष्मी माता का मंदिर हनुमानगढ़ जिले में हैं। राजस्थान के लोक देवता गोगाजी का मंदिर गोगामेड़ी हनुमानगढ़ में है। 
  • जालौर : नाथ सम्प्रदाय का सिरे मंदिर, महोदरी माता मंदिर, सुंधा माता मंदिर, आपेश्वर महादेव मंदिर जालौर जिले में स्तिथ हैं। 
  • झुंझुनूं : राणी सती का मंदिर झुंझुनूं में है। लोहागर्ल धाम (मालकेतु पर्वत), नरहड़ की दरगाह भी झुंझुनूं में है। 
  • जैसलमेर : भारत में सबसे प्रसिद्ध बाबा रामदेव का मंदिर रामदेवरा रुणेचा में है। राजस्थान के प्रमुख मेले में से एक रामदेवरा मेला जैसलमेर जिले में भरा जाता है। आशापुरा माता (पोकरण), तनोट माता (तनोट), स्वांगिया माता मंदिर जैसलमेर जिले में हैं। 
  • जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर में शीतला माता (चाकसू), शिला माता का मंदिर (आमेर) तथा जगत शिरोमणि मंदिर (आमेर) गोविन्द देव जी, मोती डूंगरी गणेश जी, बिड़ला मंदिर, तारकेश्वर महादेव मंदिर भी स्तिथ हैं। 
  • जोधपुर : मण्डोर भैरुँ, सच्चियाँ माता मंदिर (ओसियां), चामुण्डा माता मंदिर (मेहरानगढ़ दुर्ग), नाथ सम्प्रदाय का महामन्दिर भी जोधपुर जिले में है। 

राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिर 

  • झालावाड़ : राजस्थान में सबसे प्राचीन शीतलेश्वर महादेव का मंदिर तथा सात सहेलियों का मंदिर झालावाड़ जिले में स्तिथ है। मंदिरो का शहर (City of Bells) झालावाड़ को कहा जाता है। 
  • करौली : कैला देवी का मंदिर तथा श्री महावीर जी मंदिर भी करौली में है। 
  • कोटा : मथुरेशजी मंदिर, विभीषण मंदिर (कैथून), कंसुआ का शिव मंदिर कोटा जिले में है। 
  • नागौर : दधिमती माता का मंदिर (गोठ मांगलोद), हमीमुद्दीन नागौरी की दरगाह, भंवाल माता (जसनगर) इत्यादि स्थल नागौर में है। 
  • राजसमंद : श्री नाथजी का मंदिर (नाथद्वारा), द्वारकाधीश मंदिर (कांकरोली), चारभुजाजी मंदिर (गढ़बोर) राजसमंद जिले में है। 
  • पाली : रणकपुर जैन मंदिर, परशुराम महादेव मंदिर, आशापुरा माता मंदिर (नाडोल), मूंछाला महावीर मंदिर (घाणेराव) पाली जिले में स्तिथ है। 
  • सिरोही : अचलेश्वर महादेव (माउंट आबू), दिलवाड़ा जैन मंदिर (माउंट आबू) सिरोही जिले में है। 
  • सीकर : खाटूश्यामजी, शाकम्भरी माता, रींगस के भैरुँ, जीण माता मंदिर (हर्ष पर्वत) सीकर जिले में है। 
  • सवाई माधोपुर : घुश्मेश्वर महादेव (सिवाड़), गणेश मंदिर (रणथम्भौर), चौथ माता का मंदिर (चौथ का बरवाड़ा) सवाई माधोपुर जिले में है। 
  • टोंक : कल्याण धणी का मंदिर (डिग्गी), देवधाम (जोधपुरिया) टोंक जिले में है। 
  • प्रतापगढ़ : गौतमेश्वर तीर्थ (अरनोद), भंवर माता मंदिर (छोटी सादड़ी), काकाजी पीर की दरगाह प्रतापगढ़ में है। 
  • उदयपुर : एकलिंग महादेव का मंदिर, ऋषभदेव मंदिर (धुलेव), सहस्त्रबाहु का मंदिर (नागदा), जगदीश मंदिर उदयपुर जिले में स्तिथ हैं। उदयपुर जिले में जगत का अम्बिका मंदिर मेवाड़ का खजुराहो कहलाता है। 

09 January, 2018

राजस्थान के महत्वपूर्ण पर्वत पहाड़ियां एवं चोटियाँ | BSTC Exam

January 09, 2018

राजस्थान के महत्वपूर्ण पर्वत पहाड़ियां एवं चोटियाँ | BSTC Exam

BSTC Exam में राजस्थान की भौगोलिक स्थिति के अंतर्गत पर्वत, पठार और मैदानी भागों सम्बंधित सवाल भी पूछे जाते हैं | पिछले लेखों को पढ़कर आप जान चुके हैं की राजस्थान को चार भौगोलिक भागों में बांटा जाता है | उन्हीं चार भागों की संक्षिप्त जानकारी के रूप में राज्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों का वर्णन उल्लेखित है |

05 January, 2018

भारत एवं राजस्थान की जानकारी BSTC Exam के लिए

January 05, 2018

भारत एवं राजस्थान की जानकारी BSTC Exam के लिए

BSTC Exam में पूछे जाने सवालों में महत्वपूर्ण हिस्सा राजस्थान और भारत की सामान्य जानकारी का होता है | इस लिए BSTC Exam के लिए खास तौर से राजस्थान और भारत की सामान्य जानकारी इंटरनेट की दुनिया और कुछ किताबो की मदद से आपके लिए प्रस्तुत है | इस जानकारी को याद रखें और BSTC Exam में सफलता जरूर पाएं |

04 January, 2018

राजस्थान के भौतिक प्रदेश की जानकारी | BSTC Exam

January 04, 2018

राजस्थान के भौतिक प्रदेश की जानकारी | BSTC Exam



BSTC Exam में पूछे जाने वाले प्रश्नों हेतु यह जानकारी प्रस्तुत है |
राजस्थान राज्य का वर्गीकरण सामान्यतः चार भौगोलिक अथवा भौतिक प्रदेशों के रूप में किया जाता है | इन चार भागों को क्रमशः पश्चिमी रेतीला मैदान, अरावली प्रदेश, पूर्वी मैदान एवं दक्षिण पूर्वी पठार के नाम से जाना जाता है |

03 January, 2018

राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्रों की विशेषताएं | BSTC Exam

January 03, 2018

राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्रों की विशेषताएं | BSTC Exam


राजस्थान को सामान्यतः चार वृहद भौगोलिक क्षेत्रों में बांटा जाता है लेकिन इन चार क्षेत्रों को भी अलग अलग भागों में बांटा जाता है | स्थानीय भाषा और जीवनशैली के अनुसार इन क्षेत्रों का नामकरण किया गया है | जिस क्षेत्र में जिस चीज की अधिकता अथवा स्थानीय जीवनशैली और संसाधनों की उपलब्धता होती है उसी अनुसार प्रचलित भाषा में अलग अलग नामों से इन्हें पुकारा जाता है |

इसलिए आज के इस लेख में इसी जानकारी को प्रस्तुत किया जा रहा है | यह जानकारी BSTC Exam के अलावा राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित अलग अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में भी काम आती है | आशा है आपको इसका लाभ मिलेगा |

02 January, 2018

राजस्थान की नदियां | BSTC Exam

January 02, 2018

राजस्थान की नदियां | BSTC Exam

राजस्थान की नदियां | BSTC Exam के लेख में आज प्रस्तुत है ये जानकारी | राजस्थान अपने वातावरण और मरुस्थल के कारण बहुत प्रसिद्ध है | राजस्थान से बाहर का कोई भी व्यक्ति राजस्थान के मरुस्थल के बारे में  सुनता है तो उसके मस्तिष्क में सूखे पेड़ों और लू की छवि सहज ही बन  जाती है | क्योंकि राजस्थान में देश के कुल जल-संसाधनों के मात्र एक प्रतिशत ही उपलब्ध है | राजस्थान में सतही जल का एकमात्र स्त्रोत वर्षा जल ही है | राजस्थान में "चम्बल" के अलावा सभी नदियाँ मौसमी है |

20 December, 2017

राजस्थानी भाषा की बोलियाँ | राजस्थान की संस्कृति

December 20, 2017

राजस्थानी भाषा की बोलियाँ | Rajasthan GK 

राजस्थान की संस्कृति में राजस्थान की अलग अलग जनजातियाँ एवं विभिन्न क्षेत्रों के नामकरण किये गए हैं | उन्हीं क्षेत्रों में अलग अलग लोक व्यवहार एवं रहन-सहन भी भिन्न-भिन्न होते हैं | इस कारण उन क्षेत्रों की भाषाएँ एवं बोलियाँ भी अलग-अलग होती हैं | इस लेख में राजस्थानी भाषा की बोलियाँ से सम्बंधित जानकारी प्रस्तुत की जा रही है |

18 December, 2017

राजस्थान की जनजातियाँ | राजस्थान की संस्कृति

December 18, 2017

राजस्थान की जनजातियाँ | राजस्थान की संस्कृति | Rajasthan GK

राजस्थान की संस्कृति में राजस्थान के विभिन्न स्थानों का सांस्कृतिक नामकरण उन स्थानों की विशेषताओं के कारण ही किया गया है | हर क्षेत्र के अलग व्यवहार एवं प्रचलन के कारण वहाँ के लोगों की जाति भी अलग अलग मानी जाती है | इस लेख में राजस्थान की जनजातियाँ  की जानकारी प्रस्तुत है |

16 December, 2017

राजस्थान के प्रमुख मेले | राजस्थान की संस्कृति | Rajasthan GK

December 16, 2017

राजस्थान के प्रमुख मेले | राजस्थान की संस्कृति

राजस्थान की संस्कृति में राजस्थान के लोकनृत्यों की जानकारी आपने पढ़ी, इसी कड़ी में पेश है आपके लिए राजस्थान के प्रमुख मेलों की जानकारी | BSTC Exam में Rajasthan GK से सम्बन्धित सवालों में राजस्थान की संस्कृति के बारे में विस्तार से पूछा जाता है | अतः आप राजस्थान के प्रमुख मेलों की जानकारी का ध्यान से अवलोकन करें |

14 December, 2017

राजस्थान के लोकनृत्य | राजस्थान की संस्कृति

December 14, 2017

राजस्थान के लोकनृत्य

राजस्थान की संस्कृति निराली है | यहाँ हर क्षेत्र विशेष की वेशभूषा, रहन-सहन, खानपान इत्यादि जीवन आचरण अलग अलग होता है | राजस्थान संस्कृति में लोकनृत्य का भी विशेष स्थान है | इस लेख में प्रस्तुत है राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के लोकप्रिय एवं रोचक लोकनृत्य की जानकारी, आशा है यह आपके काम आएगी |

09 December, 2017

राजस्थान ऐतिहासिक/सांस्कृतिक नामकरण

December 09, 2017

राजस्थान ऐतिहासिक/सांस्कृतिक नामकरण | BSTC Exam 

राजस्थान की संस्कृति सबसे अनोखी है | राजस्थान में क्षेत्र विशेष में प्रचलित व्यवहार के कारण लोगों की जीवनशैली बदल जाती है | हर क्षेत्र की अपनी वेशभूषा, अपने खान-पान, अपनी बोली, और रहन सहन के ढंग भी अलग अलग होते हैं | इन्हीं विशेषताओं एवं भौगोलिक कारणों से राजस्थान में अलग अलग क्षेत्रों का नामकरण किया गया है |

07 December, 2017

राजस्थान में प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय | BSTC Exam

December 07, 2017

राजस्थान में प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय 

राजस्थान की संस्कृति में लोक देवी देवताओं का महत्वपूर्ण स्थान है | पुरानी मान्यताओं के कारण हर क्षेत्र विशेष के अपने लोक देवी देवता प्रचलित हैं | हर क्षेत्र में लोक रीतियों एवं व्यवहारों के कारण लोक देवी देवताओं की पूजा की जाती है | किन्तु इनके अलावा राजस्थान में कई महापुरुष संत पैदा हुए | इन संतो के अनुयायियों ने अपने अपने मत और सम्प्रदाय बना लिए | इस लेख में राजस्थान के प्रमुख संत एवं उनके कारण प्रचलित सम्प्रदाय की जानकारी प्रस्तुत है | आशा है इस लेख का लाभ आप शेयर करके दूसरों तक भी पहुंचाएंगे |

22 November, 2017

राजस्थान की प्रमुख लोक देवियाँ | BSTC Exam

November 22, 2017

राजस्थान की प्रमुख लोक देवियाँ 

राजस्थान की संस्कृति में लोक प्रचलित कहानियों एवं व्यवहार के अनुसार हर क्षेत्र के अपने लोक देवता हैं, और लोक प्रसिद्ध देवियाँ भी हैं | राजस्थान में हर क्षेत्र और जाति धर्म के अनुसार लोक देवियाँ प्रसिद्ध हैं | BSTC Exam में लोक देवियाँ से सम्बंधित सवाल पूछे जाने का भी अंदेशा होता है | इसीलिए यहाँ प्रस्तुत है राजस्थान की लोक देवियाँ की जानकारी से सम्बंधित लेख |

21 November, 2017

राजस्थान के लोक देवता | BSTC Exam

November 21, 2017

राजस्थान के लोक देवता | BSTC Exam 

हर देश राज्य गांव में धार्मिक लोगों की मान्यता के अनुसार क्षेत्र विशेष के लोक देवता होते हैं | इसी तरह राजस्थान राज्य में  भी स्थानीय लोक देवताओं की पूजा की जाती है | लोगो की मान्यता के अनुसार हर जाति, क्षेत्र, धर्म के अलग अलग लोक देवता होते हैं | BSTC Exam और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लोक देवताओं से सम्बंधित सवाल पूछे जाते हैं |

20 November, 2017

राजस्थान के रत्न खनिज | BSTC Exam

November 20, 2017

राजस्थान के रत्न खनिज | BSTC Exam 

राजस्थान में खनिज पदार्थों का भंडार उपलब्ध है | धरातल की खुदाई से निकलने वाले खनिजों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जाता है धात्विक खनिज एवं अधात्विक खनिज | अधात्विक खनिजों में पत्थरों और अन्य पदार्थों को गिना जाता है, किन्तु ऐसे खनिज जो अपने विशिष्ट भौतिक गुणों एवं सजावट की उपयोगिता के लिए जाने जाते हैं "रत्न (Gems) खनिज" कहलाते हैं | BSTC Exam में उक्त लेख से सम्बन्धित सवाल भी पूछे जा सकते हैं |

16 November, 2017

राजस्थान में संगमरमर एवं इमारती पत्थर | BSTC Exam

November 16, 2017

राजस्थान में संगमरमर एवं इमारती पत्थर | BSTC Exam

राजस्थान में अनेकों प्रकार के खनिज पदार्थों का खनन कार्य किया जाता है | जिनमें कुछ कीमती और कुछ घरेलु कार्य हेतु काम आने वाले पदार्थों का भी खनन किया जाता है | इन्हीं  अधात्विक खनिजों में संगमरमर तथा कुछ इमारती पत्थर भी मिलते हैं | BSTC Exam में संगमरमर के बारे में पूछा जाता है | 
इमारती पत्थर एवं विविध संगमरमर राजस्थान में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं | मकराना एवं राजसमंद का संगमरमर, जोधपुर का बादामी पत्थर, जैसलमेर का पीला पत्थर, करौली-धौलपुर का लाल पत्थर, जालौर का ग्रेनाइट एवं उदयपुर का हरा संगमरमर राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है |

15 November, 2017

राजस्थान में शक्ति के संसाधन | BSTC Exam

November 15, 2017

राजस्थान में शक्ति के संसाधन | BSTC Exam

राजस्थान में खनिज संसाधनों के अलावा भी अन्य प्रकार के शक्ति के संसाधनों का भंडार उपलब्ध है | शक्ति  संसांधनों से तात्पर्य ऊर्जा पैदा करने वाले पदार्थों से है | BSTC Exam में इस तरह के संसाधनों से सम्बंधित सवाल भी पूछे जा सकते हैं | राजस्थान में मुख्य रूप से कोयला, खनिज तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार उपलब्ध हैं |

14 November, 2017

राजस्थान में खनिज संसाधन (अधात्विक) | BSTC Exam

November 14, 2017

राजस्थान में खनिज संसाधन (अधात्विक) | BSTC Exam

राजस्थान में खनिजों का भंडार प्रचुर मात्रा में पाया जाता है | राजस्थान में धात्विक खनिजों का विवरण आप पढ़ ही चुके हैं | धात्विक खनिजों के अलावा राजस्थान में अधात्विक खनिज भी मिलते हैं | BSTC Exam में धात्विक अथवा अधात्विक खनिजों से सम्बंधित सवाल पूछा जा सकता है | इसलिए इसकी जानकारी होना है 
|

13 November, 2017

राजस्थान में खनिज संसाधन (धात्विक) | BSTC Exam

November 13, 2017

राजस्थान में खनिज संसाधन (धात्विक) | BSTC Exam

राजस्थान का देश के कुल खनिज मूल्य में लगभग 23% योगदान है | राजस्थान में खनिजों का भंडार प्रचुर मात्रा में पाया जाता है | वर्ष 1950-1951 में राजस्थान में लगभग 15 प्रधान व 6 लघु खनिजों का दोहन होता था | वर्तमान में लगभग 67 प्रकार के खनिजों का दोहन होता है | BSTC Exam में खनिजों के प्रतिशत से सम्बंधित सवाल पूछा जा सकता है |